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NCERT Solutions for Class 9th Science

 

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Chapter 7. जीवों में विविधता

अतिरिक्त प्रश्नोत्तर 2

 

 

 

अध्याय 7. जीवों में विविधता 


प्रश्न - थैलोपफाइटा समुह के जीवों का गुण लिखों । 

उत्तर - 
(i)  इन पौधों की शारीरिक संरचना में विभेदीकरण नहीं पाया जाता है।
(ii) इस वर्ग के पौधें को समान्यतया शैवाल कहा जाता है।
(iii)यह जलीय पौधे होते है। 
(iv)उदाहरणार्थ, यूलोथ्रिक्स, स्पाइरोगाइरा, कारा इत्यादि |

प्रश्न - ब्रायोपफाइटा समुह के जीवों का गुण लिखों । 
उत्तर - 
(i) इस प्रकार के पौधे जलीय तथा स्थलीय दोनों होते हैं, इसलिए इन्हें पादप वर्ग का उभयचर कहा जाता है। 
(ii) यह पादप, तना और पत्तों जैसी संरचना में विभाजित होता है।
(iii) इसमें पादप शरीर के एक भाग से दूसरे भाग तक जल तथा दूसरी चीजों के संवहन वेफ लिए विशिष्ट उतक नहीं पाए जाते हैं।
(iv) उदाहरणार्थ, मॉस ;फ्रयूनेरियाद्ध, मार्वेंफशिया आदि । 

प्रश्न - टेरिड़ोंपफाइटा समुह के जीवों का गुण लिखों । 

उत्तर - 
(i)   इस वर्ग के पौधें का शरीर जड़, तना तथा पत्ती में विभाजित होता है।
(ii)  जल तथा अन्य पदार्थों के संवहन के लिए संवहन ऊतक भी पाए जाते हैं। 
(iii) उदाहरणार्थ- मार्सीलिया, फर्न, हॉर्स-टेल इत्यादि।
(iv) नग्न भ्रूण पाए जाते हैं, जिन्हें बीजाणु ;ेचवतमद्ध कहते हैं।
(v)  इसमें में जननांग अप्रत्यक्ष होते हैं।
(vi) इनमें बीज उत्पन्न करने की क्षमता नहीं होती है।

प्रश्न - जिम्नोंस्पर्म के गुण लिखों । 
उत्तर -         
(i) इनमें नग्न बीज पाया जाता हैं। 
(ii) ये बहुवर्षिय तथा काष्ठिय पौधे होते है। 
(iii) उदाहरणार्थ- पाइनस तथा साइकस।

प्रश्न - जिम्नोंस्पर्म के गुण लिखों । 
उत्तर - 
(i) इन पौधें के बीज फलों के अंदर ढके होते हैं।
(ii) इन्हें पुष्पी पादप भी कहा जाता है।
(iii) इनमें भोजन का संचय या तो बीजपत्रों में होता है या फिर भ्रूणपोष में।

 

 

 

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