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NCERT Solutions for Class 9th Political Science

 

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Chapter 6. लोकतान्त्रिक अधिकार

महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

 

 

 

पाठ - 6 लोकतांत्रिक अधिकार 


प्रश्न 1: पुराने युगोस्लाविया का वह कौन - सा एक प्रान्त था जो अब टूटकर अलग हो गया है ?

उत्तर : कोसोवो |

प्रश्न 2: कोसोवो में किन लोगो की संख्या अधिक थी ?

उत्तर : अल्बानियाई लोगो की |

प्रश्न 3: अधिकार क्या है ?

उत्तर : अधिकार किसी व्यक्ति का अपने लोगो ,अपने समाज और अपनी सरकार से दावा है | 

प्रश्न 4: मौलिक अधिकार किसे कहते है ?

उत्तर : हमारे जीवन के लिए बुनियादी रूप से जरूरी अधिकारों को विशेष दर्जा दिया जाता है ,इसे मौलिक अधिकार  कहते है |

प्रश्न 5: भारत के संविधान की एक महत्वपूर्ण बुनियादी विशेष क्या है ?

उत्तर : मौलिक अधिकार |

प्रश्न 6: हमारा सविधान कितने मौलिक अधिकार प्रदान करता है ?

उत्तर : हमारा सविधान छः मौलिक अधिकार प्रदान करता है :-

(1) समानता का अधिकार |

(2) स्वतंत्रता का अधिकार |

(3) शोषण के विरुद्ध अधिकार |

(4) धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार |

(5) सांस्कृतिक और शैक्षिक अधिकार |

(6) संवैधानिक उपचार का अधिकार |

प्रश्न 7: कानून का राज किसे कहते है ?

उत्तर : किसी व्यक्ति का दर्जा या पद , चाहे जो हो सब पर कानून समान रूप से लागू होता है | इसे कानून का राज कहते है |

प्रश्न 8: समानता का अधिकार का क्या मतलब है ?

उतर : समानता का मतलब है हर किसी से उसकी जरूरी का ख्याल रखते हुए सामान व्यवहार करना | समानता का मतलब है हर आदमी को उसकी क्षमता के अनुसार काम करने का समान अवसर उपलब्ध हो |

प्रश्न 9: सविधान ने छुआछूत को दंडनीय अपराध घोषित किया है क्यों ?

उत्तर : यहाँ छुआछूत का मतलब कुछ खास जातियो के लोगो के शरीर को छूने से बचना भर नहीं है |यह उन सारे सामाजिक मान्यताओ और आचरणो को भी गलत करार देता है |जिसमे किसी विशेष जाति में जन्म लेने भर से लोगो को नीची नजर से देखा जाता है अथवा उनके साथ अलग तरह का व्यवहार किया जाता है | इसलिए सविधान ने छुआछूत को दंडनीय अपराध घोषित किया है |

प्रश्न 10: भारतीय सविधान ने प्रत्येक नागरिक को किस तरह की स्वतंत्रता दी है ?

उत्तर :भारतीय सविधान ने प्रत्येक नागरिक को कई तरह की स्वतंत्रता दी है :-

(1) अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता |

(2) संगठन और संघ बनाने की स्वतंत्रता |

(3) शांतिपूर्ण ढंग से जमा होने की स्वतंत्रता |

(4) देश में कही भी आने - जाने की स्वतंत्रता | 

(5) देश के किसी भी भाग में रहने - बसने की स्वतंत्रता |

(6) कोई भी काम करने , धंधा चुनने अथवा पेशा करने की स्वतंत्रता |

प्रश्न 11: हमारे लोकतन्त्र की एक बुनियादी विशेषता लिखो ?

उत्तर : अभिव्यक्ति की आजादी |

प्रश्न 12: अभिव्यक्ति की आजादी में क्या - क्या शामिल है ?

उत्तर : अभिव्यक्ति की आजादी में बोलना , लिखना और कला के विभिन्न रूपो को व्यक्त करना शामिल है |

प्रश्न 13: कानूनी आधार होने पर सरकार या पुलिस अधिकारी किसी नागरिक को गिरफ्तार कर सकता है | इसके लिए उन्हें किन नियमो का पालन करना पड़ता है ? 

उत्तर :  कानूनी आधार होने पर सरकार या पुलिस अधिकारी किसी नागरिक को गिरफ्तार कर सकता है | इसके लिए उन्हें कुछ नियमो का पालन करना पड़ता है - 

(1) गिरफ्तार या हिरासत से लिए गए व्यक्ति को उसकी गिरफ़्तारी और हिरासत में लेने के कारणों की जानकारी |

(2) गिरफ़्तारी या हिरासत से लिए गए व्यक्ति को सबसे निकट के मजिस्ट्रेट के सामने गिरफ़्तारी के 24 घंटे के अन्दर प्रस्तुत करना होता है |

(3) ऐसे व्यक्ति को वकील से विचार - विमर्श करने और अपने बचाव के लिए वकील रखने का अधिकार होता है | 

प्रश्न 14: सविधान ने खास तौर पर जिस तीन बुराईयों का जिक्र किया है और जिन्हें गैर - कानूनी घोषित किया है | बताइए ? 

उत्तर : (1) पहला , सविधान मनुष्य जाति के अवैध व्यक्ति का निषेध करता है | आम तौर पर ऐसे धंधे का शिकार महिलाएं होती है | जिनका अनैतिक कामो के लिए शोषण होता है | 

(2) दूसरा , हमारा सविधान किसी किस्म के 'बेगार' या जबरन काम लेने का निषेध करता है | बेगार प्रथा में मजदूरों को अपने मालिक के लिए मुक्त या बहुत थोड़े से अनाज व गैरह के लिए जबरन काम करना पड़ता है | जब यही काम मजदूर को जीवन भर करना पड़ता है तो उसे बन्धूआ मजदूर कहते है | 

(3) तीसरा , सविधान बाल मजदूरी का भी निषेध करता है| किसी कारखाने - खदान या रेलवे और बंदरगाह जैसे खतरनाक काम में कोई भी 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चे से काम नहीं करा सकता |

प्रश्न 15: एक धर्मनिरपेक्ष देश का नाम बताओ ?

उत्तर : भारत | 

प्रश्न 16: धर्मनिरपेक्ष शासन क्या है ? 

उत्तर : धर्मनिरपेक्ष शासन वह है जहाँ किसी भी धर्म को अधिकारिक धर्म मान्यता नहीं होती |

प्रश्न 17:किस प्रकार सरकार किसी धर्म या धार्मिक संस्था को बढ़ावा देने या उसके रख - रखाव के लिए कर देने के लिए किसी व्यक्ति को मजबूर नहीं कर सकता |

उत्तर : धर्मनिरपेक्ष शासन का मतलब किसी एक धर्म का पक्ष लेना या उसे विशेषाधिकार देना भी नहीं है | न ही ऐसा शासन किसी व्यक्ति को उसकी धार्मिक मान्यताओ के कारण सजा दे सकता है या उसके साथ भेदभाव कर सकता है | इसी प्रकार सरकार किसी धर्म या धार्मिक संस्था को बढ़ावा देने या उसके रख - रखाव के लिए कर देने के लिए किसी व्यक्ति को मजबूर नहीं कर सकता | 

प्रश्न 18: अल्पसंख्यक को अपने किन हितों की संरक्षण की जरूरत होती है ?

उत्तर : भाषा , संस्कृति और धर्म के विशेष संरक्षण की |

प्रश्न 19: हमारे देश की न्यायपालिका किससे स्वतंत्र रखा गया है ?

उत्तर : सरकार और संसद से| 

प्रश्न 20: एक महत्वपूर्ण संवैधानिक अधिकार लिखो ?

उत्तर : चुनावं में वोट देने का अधिकार |

प्रश्न 21: संविधान अल्पसंख्यको किन - किन अधिकारों को स्पष्ट करता है ?

उत्तर : संविधान अल्पसंख्यको के सांस्कृतिक और शैक्षिक अधिकारों को स्पष्ट करता है |

प्रश्न 22: संवैधानिक उपचार का अधिकार किसे कहते है ?

उत्तर : हमें उपर्युक्त अधिकारों को लागु करने की मांग करने का अधिकार है , हमारे पास उन्हें लागु कराने के उपाय है | इसे संवैधानिक उपचार का अधिकार कहते है |

प्रश्न 23: दक्षिण अफ्रीका के सविधान में नागरिक को कौन - कौन से नए अधिकार मिले है ?

उत्तर : दक्षिण अफ्रीका के सविधान में नागरिक को कई तरह के नए अधिकार मिले है :-

(1) निजता का अधिकार :- इसके अनुसार नागरिक और घरो की तालाशी नहीं की जा सकती , उनके फोन टैप नहीं किए जा सकते , उनकी चिठ्ठी - पत्री को खोल कर नहीं पढ़ा जा सकता है |

(2) पर्याप्त आवास पाने का अधिकार :-

(3) पर्यावरण का अधिकार :- ऐसा पर्यावरण पाने का अधिकार जो नागरिको के स्वास्थ्य या कुशलक्षेम के प्रतिकूल न हो | 

(4) स्वास्थ्य सेवाओ , पर्याप्त भोजन और पानी तक पहुँच अधिकार :- किसी को भी आपात चिकित्सा देने से इन्कर्म नहीं किया जा सकता | 

प्रश्न 24: किस कारण डा . अंबेडकर ने संवैधानिक उपचार के अधिकार को हमारे संविधान की "आत्मा" और "ह्रदय" कहा था ?

उत्तर : संवैधानिक उपचार का अधिकार अन्य अधिकारों को प्रभावी बनाता है | संभव है की कई बार हमारे अधिकारों का उल्लंघन कोई और नागरिक या कोई संस्था या फिर स्वयं सरकार ही कर रही हो | पर जब इनमे से हमारे किसी भी अधिकार का उल्लंघन हो रहा हो तो हम अदालत के जारिए उसे रोक सकते है , इस समस्या का निदान पा सकते है | अगर मौलिक अधिकारों का मामला हो तो हम सीधे सर्वोच्च न्यायालय या किसी राज्य के उच्च न्यायालय में जा सकते है | इसी कारण  डा . अंबेडकर ने संवैधानिक उपचार के अधिकार को हमारे संविधान की "आत्मा" और "ह्रदय" कहा था | 

 

 

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