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NCERT Solutions for Class 9th History

 

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Chapter 4. वन्य-समाज एवं उपनिवेशवाद

महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

 

 

 

आध्याय 4. इतिहास कक्षा - 9 वीं 


प्रश्न- वन विनाश से आप क्या समझते है ? भारत में वन विनाश के कारणों का वर्ण करों|

उत्तर- वनों के लुप्त होनो को सामान्यत: वन विनाश कहते है |

भारत में वन विनाश के निम्नलिखित कारण है |

(1) बढती आबादी और खाघ पदार्थो की माँग के कारण कटाई का वस्तार |

(2) रेलवे लाइनो का विस्तार और रेलवे में लकड़ियों का उपयोग |

(3) यूरोप में चाय ,काँफी और रबड़ कि माँग को पूरा करने के लिए प्राकृतिक वनों का एक भरी हिस्सा साफ किया गया ताकि इसका बगान बनाया जा सके |

प्रश्न- वैज्ञानिक बानिकी से आप क्या समझते है?

उत्तर- इम्पीरियल फ़ॉरेस्ट रिसर्च इंस्टिट्यूट वन से संबंधित विषयों पर एक शिक्षा पद्धति विकसीत की जिसे वैज्ञानिक वानिकी कहा गया | जिसमे पुराने पेड़ काटकर उनकी जगह  नए पेड़ लगे जाते थे |

प्रश्न- 1878 के वन आधिनियम में जंगल कि किन तीन श्रणियो में बाँटा गया ?

उत्तर- आरक्षित वन, सुरक्षित वन, ग्रामीण वन |

प्रश्न- किस प्रकार के वन को आरक्षित वन कहा गया ?

उत्तर- सबसे अच्छे वनों को आरक्षित वन कहा गया |

प्रश्न- वन के आधीन क्षेत्र बढाने के क्या आवश्यकता है ? कारण दो | 

उत्तर- भारत में वन के आधीन क्षेत्रो वैज्ञानिक माँगो से काफी कम है यह क्षेत्रफल कुल क्षेत्रों का 19.3 प्रतिशत है जबकि इसे कुल भूमी क्षेत्र का 33.3 प्रतिशत होना चाहिए | अतः हमें वनों के आधीन क्षेत्र बढाने कि आवश्यकता है क्योकि इसके मुख्य कारण निम्नलिखित है |

(1) पारिस्थितिक तंत्र को बनाये रखने के लिए हमें वन के आधीन क्षेत्र बढाने की क्या आवश्यकता है क्योकि यह हवा का प्रदुषण कम करते है |

(2) ग्लोबल वोर्मींग कम करने में वन हमारी सहायता करते है ये वायु से कार्बन डाई आक्साईइ को शोषित करते है |

(3) वन जीवो को प्राकृतिक निवास प्रदान करते है | 

(4) वनों का वर्ष लाने में बहुत बड़ा हाथ होता है | जल कणों को वर्षो कि बूंदों में परिवर्तित करते है| 

(5) वन मृदा का संरक्षण करते है और मृदा को पानी के साथ बहने से रोकते है |

प्रश्न- 'भस्म-कर-भोगों नीति' क्या था ?

उत्तर- जावा पर जापानियों के कब्जे से पहले डचो ने 'भस्म-कर-भोगों नीति' आपनी जिसके तरह आरा मशीनों और सागौन के विशाल लठठो में आग लगा ददी जिससे जापानियों के हाथ न लग पाए |

प्रश्न- 'वन ग्राम' से आप क्या समझते है ?

उत्तर-  आरक्षित वनों में वन विभाग किए लिए पेडो कि कटाई और ढुलाई  का कम मुफ्त करने के शर्त पर इस काम को करने वालो को वनों में रहने दिया गया जिसे वन ग्राम कहा गया | ये वनों को आग से रक्षा करते थे |

प्रश्न- कृषि ने वन विनाश को किस प्रकार से प्रभावित किया ?

उत्तर- कृषि ने वन विनाश को निम्न प्रकार से प्रभावित किया |

(1) आबादी बढ़ने से खाघ पदार्थो कि माँग में वृध्दि से वनों को काटकर कृषि कार्य करने जाने लगा |

(2) ओपनिवेशिकाल में खेती में बेहताशा वृध्दि हुई |

(3) जंगल काटकर चाय, कॉफ़ी और रबड़ कि बागन बनाए गए |

प्रश्न- रेलवे ने वन विनाश को कैसे प्रभावित किया ?

उत्तर-रेलवे ने वन विनाश को निम्न प्रकार से प्रभावित किया |

1. जहाँ जहाँ रेलवे लाइने बिछाई गई वहाँ के वनों का सफाया कर दिया गया |

2. रेल लाइनों के प्रसार |

3. रेल के स्लीपरो के लिए प्रतिवर्ष लाखों कि संख्या में पेड़ काटे गए |  

प्रश्न - उपनिवेशकाल में वनीय प्रबंधन में परिवर्तन ने लोगों के जीवन में लकडी की नई माँग पैदा कर दी और जीवन को किस प्रकार प्रभावित किया  ?

उत्तर - उपनिवेशकाल में वनीय प्रबंधन में परिवर्तन ने लोगों के जीवन को निम्न प्रकार से प्रभावित किया ।
1. उपनिवेशिक सरकार ने झुम खेती पर प्रतिबंध लगा दिया ।
2. वन प्रबंधन से गावों में बडे परिवर्तन हुए। उनके दैनिक कार्यो जैसे लकडी काटना, पशुओं को चराना, फल एकत्र करना शिकार आदि करना को गैर कानुनी घोषित कर दिया गया ।
3. वन की कटाई के कार्य में तेजी से भ्रष्टाचार फैलने लगा ।
4. वनों के लगातार कटने से चाय, कॉफी, रबर आदि के बागान यूरोपीय बाजार की आवश्यकता पर विकसीत हुए ।
5. वे शेर, चीता मारने पर इनाम देते थे।

प्रश्न - बताइए कि उपनिवेशिक सरकार द्वारा बनाए गए कानुनों से चरवाहों के जीवन पर क्या असर पडा ?
उत्तर -

1. परती भूमी नियमावली - उपनिवेशिक सरकार द्वारा बनाए गए कानुन ‘परती भूमी नियमावली’ में चरागाह जो बंजर भूमि के समान थी ब्रिटिश सरकार ने कृर्षि योग्य बनाने के लिए गांव के मुखिया के सुपुर्द कर दिया जिससे चरागाहें समाप्त सी हो गई।
2. वन - अधिनियम - ब्रिटिश सरकार ने अनेक वन कानून पास कर चरवाहों का जीवन ही बदल दिया । आरक्षित तथा सूरक्षित वनों की श्रेणी के वनों में उनके घुसने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया क्योंकि पशु पौधे के नई कोपलों को खा जाते थे |

3. चराई कर - अपनी आय बढाने के लिए ब्रिटिश सरकार ने पशुओं पर भी कर लगा दिया । कर देने के पश्चात् इन्हें एक पास दिया जाता था जिसको दिखाकर ही चरवाहे अपनी पशु चरा सकते थें ।

प्रश्न - झूम खेती से क्या अभिप्राय है ?
उत्तर - झुम खेती के लिए जंगल के कुछ भाग को बारी बारी से काटा जाता है! और उस पर अल्पकाल के लिए खेती की जाती है। उसकी उर्वरकता समाप्त हो जाने पर उसे छोडकर पुनः दूसरे जगह खेती की जाती है। ऐसी अल्पकालीक खेती को झुम खेती कहते हैं । ऐसी खेती प्रायः वन निवासी करते है।  
प्रश्न - युद्धों के वनों पर चार प्रभाव बताइए ।
उत्तर - युद्धों के वनों पर चार प्रभाव निम्नलिखित हैं:-
1. युद्धों से जंगल प्रभावित होते हैं उदाहरणार्थ: प्रथम विश्व युद्ध (1914 - 1928) तथा द्वितिय ...विश्व युद्ध ने वनो पर बडा भारी प्रभाव डाला था। भारत में जो भी लोग पौधो पर काम कर रहे थें, उन्हे काम छोडना पडा था।
2. अनेक आदिवासियो ने, किसानों ने एवं अन्य उपयोग कर्ताओ ने युद्धों एवं लडाईयों के लिए जंगलों में कृषि के विस्तार के लिए प्रयोग किया ।
3. युद्ध के उपरांत इन्डोंनेशिया के लोगों के लिए वनों एवं उससे जुडी भुमी को पुनः   वापस पाना बडा कठिन था ।
4. जावा में द्वितिय विश्व युंद्ध के दौरान जापानियों के हाथों में वनों की सम्पदा को बनाने के लिए जावा स्थित साम्राज्य के वनों में डचों ने स्वयं वनों में आग लगा दी थी |

प्रश्न - झुम खेती को क्यों प्रतिबंधित कर दिया गया ?
उत्तर - उपनिवेशिक सरकार का मानना था झूम कृषि वनों के लिए हानिकारक है। इस भूमि की उर्वरता खत्म हो जाने पर छोड दी जाती थी । इस कारण कर वसूली में भी कठिनाई आती थी । इस जमीन पर इमारती लकडी नहीे उगाई जा सकती थी । इसलिए झुम खेती को प्रतिबंधित कर दिया गया |                              

 

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