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NCERT Solutions for Class 9th Economics

 

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Chapter 4. भारत में खाद्य सुरक्षा

मुख्य बिंदु

 

 

 

पाठ-4. खाद्य सुरक्षा 

प्रश्न: गरीब को खाध सुरक्षा देने के लिए सरकार ने क्या उपाय किए है ? सरकार की ओर से शुरू कि गई किन्ही दो योजनाओ को लिखें | 

उत्तर: 

(i) संशोधित सार्वजानिक वितरण प्रणाली :- इस प्रणाली का आरंभ 1992 में देश के 1700 ब्लाको में किया गया | इसका लक्ष्य दूर दराज के और सभी पिछडो क्षेत्रो में में सार्वजानिक वितरण प्रणाली का लाभ पहुँचने | जून 1997 में सभी क्षेत्रो में गरीब कि लक्षित करने के लिए सिध्दान्त अपनाने के लिए लक्षित सार्वजानिक वितरण प्रणाली प्रांरभ कि गई |

(ii) अंत्योदय अन्न योजना :- यहब योजना गरीब में भी सर्व्जधिक गरीब के लिए शुरू कि गई | इस योजना का संचालन सार्वजानिक वितरण प्रणाली के वर्तमान नेटवर्क से जोड़ दिया गया | इस योजना के अंर्तगत निर्धनों को 35 किलोग्राम ख्धान्न मिलता है |

प्रश्न: भारत में खाघ सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाती है ?

उत्तर: भारत में खाघ सुरक्षा का सुनिशिचत बफर स्टॉक और सार्वजानिक वितरण प्रणाली द्वारा किया जाता है |

प्रश्न: कौन लोग खाघ असुरक्षा से अधिक ग्रस्त हो सकते है ?

उत्तर: भूमिहीन लोग, परम्परागत कारीगर, परम्परागत सेवाएँ प्रदात करने वाले जैसे – नाई, बढ़ई, धोबी आदि लोग खाघ असुरक्षा से अधिक ग्रस्त हो सकते है |

प्रश्न: क्या आप मानते है कि हरित क्रांति ने भारत को खाद्यान्नों में आत्म निर्भर बना दिया है कैसे ?

उत्तर: हाँ, हरित क्रांति ने भारत को खाघानों में आत्म निर्भर बना दिया है, क्योंकि हरित क्रांति के बाद गेहूँ तथा चावल के उत्पाद में इतनी अधिक वृद्धि हुई है कि हमें अब दुसरो देशो से गेहूँ आदि खाघानों का आयत नहीं करना पड़ता |

प्रश्न: आपदा खाद्य आपूर्ति को कैसे प्रभावित करती है ?

                Or

प्रश्न: विपदा में खाद्य सुरक्षा कैसे प्रभावित करती है ?

उत्तर: प्राकृतिक आपदा में खाघ सुरक्षा मीमं प्रकार से प्रभावित होता है :-

(i) खाघान्नो की कुल उत्पादन कम को जाता है |

(ii) प्रभावित क्षेत्र में खाघान्न में कमी हो जाती है |

(iii) किमतो में वृद्धि हो जाती है |

(iv) यदि आपदा लंबे समय तक रहता है तो भुखमरी कि स्थिति उत्पन्न हो सकते है | 

प्रश्न: मौसमी भुखमरी तथा दीर्धकालिक भुखमरी में अंतर स्पष्ट कीजिए ?

 उत्तर:

मौसमी भुखमरी:

(i) यह कृषि उत्पादन में आई गिरावट से उत्पन्न होता है |

(ii) पुरे साल काम न मिलने से उत्पन्न होता है |

(iii) बाढ़, सुखा जैसे आपदाओ से उत्पन्न होता है |

दीर्धकालिक भुखमरी :

(i) हमेशा से कम आय हो तो उस प्रकार कि भुखमरी लगातार बने रहते हैं |

(ii) वे खाघान्न खरीदने ने असमर्थ होता है |

(iii) ऐसी भुखमरी अपयार्प्त खुराख से उत्पन्न होता है |

प्रश्न: भुखमरी से आप क्या समझते है ?

उत्तर: भुखमरी एक ऐसी स्थिति है जिसमे खाघान्नो का संकट उत्पन्न हो जाने के कारण प्राणी भूख से मरने लगने है |

प्रश्न: बफर स्टॉक क्या है ? सरकार इसे क्यों बनाती है ?

उत्तर: बफर स्टॉक अनाजो का वह स्टॉक है जिसका सृजन किसानो से अनाज खरीद कर करती है | सरकार खाघ सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए बफर स्टॉक बनाती है तथा सामान के गरीब वर्गो में बाजार मूल्य से कम कीमत पर अनाज वितरण वितरण करने के लिए |

प्रश्न: न्यूतम समर्थित मूल्य साप क्या समझते है ?

उत्तर: सरकार दुवारा किसनो को उनकी फसलो के लिए पहली ही से इम्ते धोषित कर दी जाती है | इस धोषित मूल्य को न्यूनतम समर्थित मूल्य कहते है |

प्रश्न: निर्गत कीमत क्या है ? स्पष्ट करे ?

उत्तर: समाज के गरीब वर्गो में बाजार कीमत सेकाम मूल्य पर वितरण किया जाता है | इस कीमत को निर्गम कीमत कहते है |

प्रश्न: खाद्य और संबंधित वस्तुओं को उपलब्ध कराने में सहकारी समितियों कि भूमिका वर्णन करे ?

उतर: खाघ और संबंधित वस्तुओं को उपलब्ध कराने में सहकारी समितियों कि भूमिका निम्न है :-

(i) सहकारी समितियाँ निर्धन लोगो को खाघ्न्न की बिक्री के लिए कम कीमत वाली दुकाने होलती है |

(ii) समज के विभिन्न वर्गो के लिए खाघ सुरक्षा सुनिश्चित करती अहि |

(iii) अनाज बैकों कि स्थापना के लिए गैर- सरकारी सगठनों के नेटवर्क में सहायता करती है |

(iv) ये सरकारी दुवारा नियंत्रित मूल्य पर खाघ ( दूध और सब्जी ) उपलब्ध कराती है | जैसे- मदर डेयरी तथा सफल आदि |

प्रश्न: राशन कि दुकानों के संचालन में क्या समस्याएँ है ?

उत्तर: राशन कि दुकानों के संचालन में निम्न समस्याएँ है :-

(i) राशन की दुकानों को प्रत्येंक लेन देन का लेखा जोखा रखना पड़ता है |

(ii) राशन कि दुकानों पर उपभोक्ताओं का हर बात ख्याल रखना पड़ता है |

(iii) राशन की दुकानों उपभोक्ता की शिकायत की पुष्टि होने पर लाइसेंसे रद्द भी हो सकता है | 

 

 

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