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NCERT Solutions for Class 9th Economics

 

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Chapter 2. संसाधन के रूप में लोग

मुख्य बिंदु

 

 

 

पाठ- 2

प्रश्न: सर्व शिक्षा अभियान क्या है ?

उत्तर: यह एक शिक्षा अभियान है जिसने उद्देश्य है कि 2010 तक 6 से १४ वर्ष आयु वर्ग सभी स्कूली बच्चे को प्राथमिक शिक्षा अवश्य प्रदान कि जाए |

प्रश्न: शिशु मृत्यु दर को कैसे घटाया जा सकता है ?

उत्तर: शिशु मृत्यु दर को घटाया के निम्नलिखित कारण के :-

(1) शिशुओं को संक्रमण ऐ रक्षा कि जाते है |

(2) बच्चे के लिए अच्छे भोजन और पोषण की व्यवस्था की जानी चाहिए |

(3) माताओं को शिशु पालन में प्रशिक्षित करना चाहिए |  

प्रश्न: बेरोजगारी से आप क्या समझाते है ?

उत्तर: बेरोजगारी उस समय विद्यमान कही जाती है जब प्रचलित मजदुर कि दर पर काम करने के इच्छुक लोग रोजगार नही पा सकते |    

प्रश्न: आर्थिक और गैर आर्थिक क्रियाओ में क्या अंतर है ?

उत्तर: धन या आय कमाने के उद्देश्य से की गई क्रियाएँ कहते है | इसके विपरीत अन्य उदेश्यों जैसे प्यार, सहानुभूति, कर्तव्य, देशप्रमे के लिय कि जाने वाली क्रियाएँ गैर आर्थिक क्रियाएँ कहलाती है | 

प्रश्न: संसाधन के रूप में लोग से आप क्या समझते है ?

उत्तर: संसाधन के रूप में लोग से अभिप्राय देश के कार्यशील लोग है जिनमे निपुणत तथा योग्यता है | संसाधन के रूप में लोग सकल राष्ट्रीय उत्पाद में योगदान देते है | संसाधन के रूप में लोग एक बड़ी जनसंख्या का सकरात्मक पक्ष है जिसका प्राय: अवहेलना कि जाती है |

प्रश्न: शिक्षित बेरोजगारी भारत के लिए एक विशेष समस्या है कैसे ?

उत्तर: भारत में हर वर्ष 5 लाख युवक रोजगार की तलाश में निकलते है जबकि भारत में रोजगार के अवसर निम्न है जिससे प्रतिवर्ष लाखों शिक्षित बेरोजगार की संख्या में निरंतर वृद्धि होती चली जा रही है | अंत: शिक्षित बेरोजगार कि संख्या में बेतहासा वृद्धि एक समस्या है |

प्रश्न: शिक्षित बेरोजगार भारत के लिए समस्या है कैसे ?

उत्तर: भारत में हर वर्ष 5 लाख युवक रोजगार की तलाश में निकलते है, जबकि भारत में रोजगार के अवसर निम्न है जिससे प्रतिवर्ष लाखों शिक्षित बेरोजगारों कि संख्या में निरंतर वृद्धि होती चली जा रही है | अंत: शिक्षित बेरोजगार कि संख्या में बेतहासा वृद्धि एक समस्या है |

प्रश्न: किस पूँजी को आप सबसे अच्छी मानते है ?- भूमी, श्रम, भौतिक पूँजी और मानव पूँजी ?

उत्तर: मानव पूँजी सबसे अच्छी पूँजी है क्योंकि यह पूँजी लोगों की भौतिक क्षमता, निपुणता, ज्ञान, आदि जो उसे और अधिक उत्पादन में सहायक करते है. यह पूँजी श्रम, भूमी, भौतिक पूँजी से भी श्रेष्ठ है | इस पूँजी के बिना अन्य पूँजियाँ व्यर्थ है |         

प्रश्न: प्रच्छन्न और मौसमी बेरोजगार में क्या अंतर है ?

उत्तर: प्रच्छन्न बेरोजगार वह बेरोजगार है जहाँ उन्हें काम तो मिलता है परन्तु उन्हें प्रच्छन्न रूप से काम पर रखा जाता है उनकी आवश्यकता न के बरागर होता है | ऐसा प्रायः कृषिगत कार्य में होता है | यदि इस व्यक्ति को हटा दिया जाए टो खेती की उत्पादकता में कोई कमी नहीं आती | इसके विपरीत मौसमी बेरोजगार तब होता है जब लोग वर्ष के कुछ महीनो में रोजगार प्राप्त नहीं कर पाते | कृषि पर आक्षित लोग प्रायः इस तरह की  समस्या से जूझते है | वर्ष में कुछ व्यस्त मौसम होता है जब बुआई कटाई निराई आदि होती है | कुछ विशेष महीनो में कृषि पर आधारित लोगो को काम नहीं मिल पाता | अंतः साल के कुछ महीनो में वे बेकार रहते है | इसे ही मौसमी बेरोजगार कहते है |

प्रश्न: आर्थिक और गैर आर्थिक क्रियाओं में क्या अंतर है ?    

उत्तर:

        आर्थिक क्रियाएँ 

       गैर- आर्थिक क्रियाएँ    

1. धन या आय कमाने के उद्देश्य से कि गई क्रियाएँ आर्थिक क्रियाएँ कहलाती है |

2. व्यवसाय, नौकरी, मजदुर आदि |

 

 

1. इसके विपरीत अन्य उद्देश्य जैसे-प्यार, सहानुभूति, कर्तव्य, देशप्रमे के लिए की जाने वाले क्रियाएँ गैर आर्थिक क्रियाएँ कहलाती है |

2. खाना पकाने, भाई बहन की देख भाल करने आदि |

 

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