Study Materials

NCERT Solutions for Class 8th Science

 

Page 1 of 5

Chapter 3. संश्लेषित तन्तु एवं प्लास्टिक

अध्याय समीक्षा

 

 

 

अध्याय-समीक्षा :

  • कपड़े प्राकृतिक अथवा कृत्रिम स्रोतों से प्राप्त रेशों से बनाये जाते हैं |
  • रेशे दो प्रकार के होते हैं | (i) प्राकृतिक रेशा (ii) कृत्रिम रेशा |
  • प्राकृतिक रेशे, जैसे कपास, पटसन, ऊन एवं रेशम आदि पौधों अथवा जंतुओं से प्राप्त होते हैं | 
  • जिन रेशों को मनुष्य स्वयं बनाता है उसे संश्लेषित या कृत्रिम अथवा मानव निर्मित रेशे कहते है | जैसे- नायलॉन, पोलिएस्टर , टेरीकॉट आदि |
  • रासायनिक पदार्थों की अनेक छोटी-छोटी इकाइयाँ मिलकर एक बड़ी एकल ईकाई बनाते हैं जो बहुलक कहलाती है | इसे पॉलीमर भी कहते हैं |
  • कपास भी एक प्राकृतिक बहुलक है जो सेलुलोज से बना है | सेलुलोज बड़ी संख्या में ग्लूकोज ईकाइयों द्वारा निर्मित होता है |
  • सेलुलोज एक विशेष प्रकार का कार्बोहाइड्रेट्स है जो प्राकृतिक रूप से पेड़-पौधों में पाया जाता है |
  • रेयान एक प्रकार का कृत्रिम रेशम है जिसे काष्ठ लुगदी के रासायनिक उपचार से प्राप्त किया जाता है |
  • रेयान को कपास के साथ मिलाकर बिस्तर की चादरें बनाते हैं अथवा ऊन के साथ मिलकर कालीन या गलीचा बनाते हैं |
  • नायलॉन भी एक कृत्रिम रेशा है जो इतना मजबूत होता है कि इससे नायलॉन पैराशूट और चट्टानों पर चढने हेतु रस्से बना सकते है | 
  • नायलॉन का निर्माण कोयला, जल और वायु से किया जाता है |
  • पोलिएस्टर एक अन्य प्रकार का संश्लेषित रेशा है | इसका उपयोग वस्त्र निर्माण में किया जाता है | 
  • ऐक्रिलिक एक अन्य प्रकार का संश्लेषित रेशा है जो ऊन से जैसा दिखाई देता है | लेकिन यह कृत्रिम ऊन है |
  • संश्लेषित रेशों के गुणधर्म: ये शीघ्र सूखते हैं, अधिक चलाऊ होते हैं, कम महंगें होते हैं, असानी से उपलब्ध और रख-रखाव में सुविधा जनक होते हैं | 
  • संश्लेषित रेशों की तरह प्लास्टिक  भी एक बहुलक (Polymer) है | जिसे कोई भी आकार दिया जा सकता है | इसका पुन: चक्रण भी हो सकता है |
  • ऐसा प्लास्टिक जो गर्म करने पर असानी से विकृत हो जाता है और सरलतापूर्वक मुड़ जाता है, थर्मोप्लास्टिक कहलाता है | उदाहरण - पोलिथीन और पीवीसी (PVC) आदि | 
  • थर्मोप्लास्टिक प्लास्टिक का उपयोग खिलौने, कंघियाँ और विभिन्न प्रकार के पात्रों के बड़े पैमाने पर निर्माण हेतु किया जाता है | 
  • जिन प्लास्टिकों को ऊष्मा देकर नर्म नहीं किया जा सकता हो उसे थर्मोसेटिंग प्लास्टिक कहते है | उदाहरण- बैकेलाइट और मेलामाइन आदि | 
  • बैकेलाइट ऊष्मा एवं विद्युत का कुचालक है iलिए इसका उपयोग कुकर के हत्थों और बिजली के स्विच आदि बनाने में किया जाता है | 
  • मेलामाइन एक बहुउपयोगी पदार्थ है जो आग का प्रतिरोधक है तथा अन्य प्लास्टिक की अपेक्षा इसमें ऊष्मा को सहने की अधिक क्षमता होता है | इसका उपयोग फर्श की टाइल्स, रसोई के बर्तन और आग रोधी कपड़े बनाने में किया जाता है |
  • आग बुझाने वाले कर्मचारियों के परिधानों पर मेलामाइन की परत चढ़ी होती है जो उसे अग्निरोधक बनाती है | 
  • प्लास्टिक वायु और जल से अभिक्रिया नहीं करते हैं |
  • प्लास्टिक ऊष्मा एवं विद्युत का कुचालक है, इसलिए बिजली के तार प्लास्टिक से ढके होते हैं|  
  • टेफ्लॉन एक विशिष्ट प्रकार का प्लास्टिक है जिस पर तेल और जल चिपकता नहीं है | इसलिए इसका उपयोग भोजन पकाने के पात्रों पर न चिपकने वाली परत के रूप में किया जाता है | 
  • माइक्रोवेव ओवन में भोजन पकाने के लिए विशिष्ट प्लास्टिक पात्र उपयोग में लिए जाते हैं | जिन पर ऊष्मा का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है | ऊष्मा भोजन को तो पका देती है, परन्तु प्लास्टिक पर प्रभाव नहीं डाल पाती है | 
  • वह पदार्थ जो प्राकृतिक प्रक्रिया, जैसे जीवाणुओं की क्रिया द्वारा अपघटित हो जाता है, जैव निम्नीकरणीय कहलाता है |
  • वह पदार्थ जो प्राकृतिक प्रक्रियाओं द्वारा सरलता से विघटित नहीं होता, जैव अनिम्नीकरणीय कहलाता है |
  • पर्यावरण में प्लास्टिक विघटित नहीं होता यह कई वर्षो तक बना रहता है जो पर्यावरण प्रदुषण का कारण बनता है | 
  • 4 R जो पर्यावरण हितैषी है : उपयोग कम करिए (Reduce), पुन: उपयोग करिए (Reuse), पुन:चक्रण (Recycle) और पुन: प्राप्ति (Recover) |  
      

 

Page 1 of 5

 

Chapter Contents: