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NCERT Solutions for Class 8th Civics

 

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Chapter Chapter 7. हाशियाकरण की समझ

topic-1

 

 

 

प्रश्न : हाशियाकरण क्या है ? 

उत्तर : समाज के पिछड़े और वंचित समूह का समाज और राजनितिक अवसरों से अलग-थलग पड़ जाना हाशियाकरण कहलाता है | 

Question: What is marginalization?

Answer: The isolation of the backward and deprived groups of society and the political isolation from the society is called marginalization.

प्रश्न : समाज के उन तीन समूहों का नाम बताइए जो हाशियाकरण के शिकार हुए हैं ?

उत्तर : 

(i) आदिवासी 

(ii) मुसलमान 

(iii) दलित 

Question: Name the three groups of the society who are victims of marginalization?

Answer: 

(i) Adivasi

(ii) Muslims

(iii) Dalit 

प्रश्न : हाशियाकरण से निपटने के लिए सरकार क्या करती है ? 

उत्तर : सरकार हाशियाकरण से निपटने के लिए कानून बनाती है और इन समुदायों को लाभ पहुँचाने के लिए कई नीतियाँ और योजनाएँ लागु करती है | 

Question: What does the government do to confront with marginalization?

Answer: The government makes laws to confront with marginalization and applies many policies and schemes to benefit these communities.

प्रश्न : हाशियाकरण के शिकार समुदायों की क्या समस्याएँ है ? 

उत्तर : 

(i) उनके साथ भेदभाव होता है | 

(ii) इन समुदायों को उनके संसाधनों से वंचित किया जाता है |

(iii) इन समुदायों को उचित मजदूरी नहीं मिलती और इनका शोषण होता है | 

(iv) इन्हें अपने हक़ के लिए संघर्ष करना पड़ता है | 

(v) इन्हें सरकारी और सामाजिक अवसरों का लाभ नहीं मिलता है | 

Question: What are the problems of marginalized communities?

Answer :

(i) Discrimination occurs with them.

(ii) These communities are deprived of their resources.

(iii) These communities do not get proper wages and they are exploited.

(iv) They have to struggle for their rights.

(v) They do not get the benefits of government and social opportunities.

प्रश्न : आदिवासी कौन लोग हैं ? 

उत्तर : आदिवासी शब्द का मलतब होता है 'मूलनिवासी' | ये ऐसे समुदाय है जो जंगलों के साथ जीते आए हैं और आज भी उसी तरह जी रहे हैं | भारत की लगभग 8 प्रतिशत आबादी आदिवासियों की है | 

प्रश्न : आर्थिक रूप से आदिवासी क्षेत्रों का क्या महत्व है ? 

उत्तर : आर्थिक रूप से आदिवादी क्षेत्रों का निम्नलिखित महत्त्व है -

(i) देश के बहुत सारे महत्वपूर्ण खनन एवं औद्योगिक क्षेत्र आदिवासी इलाकों में हैं | 

(ii) इन क्षेत्रों से देश को बहुत से खनिज और आर्थिक मदद मिलता है | 

Question: What is the importance of financially Adivasis areas?

Answer: Economically Adivasis areas have the following importance:

(i) Many important mining and industrial areas of the country are in Adivasis areas.

(ii) The country receives many minerals and financial help from these areas.

प्रश्न : भारत में कितने आदिवासी समूह हैं ? 

उत्तर : भारत में लगभग 500 से अधिक आदिवासी समूह हैं |

Question: How many tribal groups are there in India?

Answer: There are more than 500 tribal groups in India.

प्रश्न : भारत में प्रमुख आदिवासी क्षेत्र कहाँ-कहाँ हैं ? 

उत्तर : भारत में छत्तीसगढ़, झारखण्ड, मध्यप्रदेश, उड़ीसा, गुजरात, महाराष्ट्र, आँध्रप्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड और त्रिपुरा आदि राज्यों में आदिवासियों की संख्या बहुत अधिक है | ये क्षेत्र भारत के प्रमुख आदिवासी क्षेत्र माने जाते हैं |

Question: Where are the major tribal areas in India?

Answer: The number of tribals in the states of Chhattisgarh, Jharkhand, Madhya Pradesh, Orissa, Gujarat, Maharashtra, Andhra Pradesh, Assam, Manipur, Meghalaya, Mizoram, Nagaland and Tripura are very high. These areas are considered as the main tribal areas of India.

प्रश्न : आदिवासी समूह की विशेषताएँ लिखिए | 

उत्तर : आदिवासी समूहों की निम्नलिखित विशेषताएँ होती हैं -

(i) उनके भीतर ऊँच-नीच का फर्क बहुत कम होता है |

(ii) ये समुदाय जाति-वर्ण पर आधरित समुदायों या राजाओं के शासन में रहने वाले समुदायों से बिलकुल अलग होते हैं।

(iii) ये अकसर अपने पुरखों की, गाँव और प्रकृति की उपासना करते हैं।

(iv) ये जंगलों में रहते है और ये पूरी तरह जंगलों के उत्पादों पर निर्भर रहते हैं | 

Question: Write the characteristics of the tribal group.

Answer: Tribal groups have the following characteristics:

(i) Tribal societies are also most distinctive and there is very little hierarchy among them.

(ii) These communities are very different from communities living in caste-based communities or in the rule of the kings.

(iii) They often worship their ancestors, villages and nature.

(iv) They live in forests and are completely dependent on forest products.

प्रश्न : आदिवासी लोगों के प्रति हमारे बीच कौन-कौन सी गलत और प्रचलित छवियाँ हैं ?

उत्तर : आदिवासी लोगों के प्रति हमारे बीच निम्लिखित गलत और प्रचलित छवियाँ हैं-

(i) आदिवासियों पर यह आरोप लगाया जाता है कि वे आगे नहीं बढ़ना चाहते।

(ii) स्कूल के उत्सवों, सरकारी कार्यक्रमों या किताबों व फिल्मों में उन्हें सदा एक रूप में ही पेश किया जाता है।

(iii) बहुत सारे लोग इस गलतफहमी का शिकार हो जाते हैं कि उनका जीवन बहुत आकर्षक, पुराने किस्म का और पिछड़ा हुआ है।

(iv) बहुत सारे लोग पहले ही मान लेते हैं कि वे बदलाव या नए विचारों से दूर रहना चाहते हैं।

Question: What are the wrong and popular images (stereotyping) of the tribal people among us?

Answer: We have the following wrong and popular images of the tribal people:

(i) Often Adivasis are blamed for their lack of advancement as they are believed to be resistant to change or new ideas.

(ii) During school functions or other official events or in books and movies, Adivasis are invariably portrayed in very stereotypical ways.

(iii) This often wrongly leads to people believing that they are exotic, primitive and backward.

प्रश्न : औपनिवेशिक शासन से पहले आदिवासी समुदाय के जीवन का वर्णन करों | 

उत्तर : औपनिवेशिक शासन से पहले आदिवासी समुदाय शिकार और चीजें बीनकर आजीविका चलाते थे। वे एक जगह ठहर कर कम रहते थे। वे स्थानांतरित खेती के साथ-साथ लंबे समय तक एक स्थान पर भी खेती करते थे। उन्नीसवी सदी के आखिर तक हमारे देश का बड़ा हिस्सा जंगलों से ढँका हुआ था। उन्नीसवीं सदी के मध्य तक तो इन विशाल भूखंडों का आदिवासियों के पास जबरदस्त ज्ञान था। इन इलाकों में उनकी गहरी पैठ थी। उनका जंगलों पर पूरा नियंत्राण भी था।

Question: Describe the life of the tribal community before the colonial rule.

Answer: Before the colonial rule, tribal communities used to run livelihoods by hunting and doing things. They stayed in a place and stayed low. They used to cultivate migratory farming as well as for a long period of time. By the end of the nineteenth century, a large part of our country was covered with forests. By the middle of the nineteenth century, the tribals had tremendous knowledge of these huge plots. They had deep penetration in these areas. There was also complete control over their forests.

प्रश्न : आदिवासियों की जमीनें और जंगल छीन जाने से उनके सामने आजीविका के लेकर क्या समस्याएँ हैं ? 

उत्तर : 

(i) आजीविका और भोजन के अपने मुख्य स्रोतों से वंचित हो गए हैं |

(ii) अपने परम्परागत निवास स्थानों के छिनते जाने की वजह से बहुत सारे आदिवासी काम की
तलाश में शहरों का रुख कर रहे हैं।

(iii) वहाँ उन्हें छोटे-मोटे उद्योगों, इमारत या निर्माण स्थलों पर बहुत मामूली वेतन वाली नौकरियाँ करनी पड़ती हैं।

(iv) इस तरह वे गरीबी और लाचारी के जाल में फंसते चले जाते हैं। ग्रामीण इलाकों में 45 प्रतिशत और शहरी इलाकों में 35 प्रतिशत आदिवासी समूह गरीबी की रेखा से नीचे गुजर बसर करते हैं। इसकी वजह से वे कई तरह के अभावों का शिकार हो जाते हैं।

(v) उनके बहुत सारे बच्चे कुपोषण के शिकार रहते हैं। आदिवासियों के बीच साक्षरता भी बहुत कम है।

Question: What are the problems with livelihood in front of tribals due to snaching their forest and lands? 

answer :

(i) have been deprived of their main sources of livelihood and food.

(ii) Due to the deletion of its traditional habitats, many tribal works
Looking for cities are trending.

(iii) There they have to do very small salary jobs at small industries, buildings or construction sites.

(iv) In this way, they are stuck in the trap of poverty and helplessness. 45 percent in rural areas and 35 percent of tribal groups in urban areas go below the poverty line. Because of this, they become victims of various types of deficiencies.

(v) Many of his children are victims of malnutrition. Literacy among the tribals is also very low.

 

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