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NCERT Solutions for Class 8th Civics

 

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Chapter Chapter 6. हमारी आपराधिक न्याय प्रणाली

topic-1

 

 

 

प्रश्न : अपराधिक न्याय व्यवस्था में मुख्य लोग कौन होते है ?

उत्तर : अपराधिक न्याय व्यवस्था में पुलिस, सरकारी वकील, बचाव पक्ष का वकील और न्यायधीश ये चार लोग मुख्य होते हैं |

प्रश्न : गवाह किसे कहते हैं ?

उत्तर : जब किसी व्यक्ति को अदालत में यह बयान देने के लिए बुलाया जाता है की उसने मामले के संबंध में क्या देखा है, सुना या जाना है तो उसे गवाह कहा जाता है |

प्रश्न : आरोपी किसे कहते है ?

उत्तर : वह व्यक्ति जिस पर अदालत में किसी अपराध के लिए मुक़दमा चल रहा है उसे आरोपी कहा जाता है |

प्रश्न : जिरह क्या है ?

उत्तर : जब कोई गवाह अदालत में अपना बयान देता है तो दुसरे पक्ष का वकील भी उससे कुछ सवाल पूछता है जिससे उसके पिछले बयान को सही या गलत साबित किया जा सके इसी प्रक्रिया को जिरह कहते है |

प्रश्न : हिरासत किसे कहते है ?

उत्तर : पुलिस द्वारा किसी को गैर क़ानूनी ढंग से अपने कब्जे में रखना हिरासत कहलाता है |  

प्रश्न - पुलिस हिरासत के दौरान अपनी गलती मानते हुए आरोपी द्वारा दिए गए बयानों को उसके खिलाफ सबूत के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता ? क्यों ? स्पष्ट कीजिए। 
उत्तर - क्योंकि पुलिस हिरासत के दौरान लिया गया बयान डरा धमका कर लिया गया बयान भी हो सकता है।
प्रश्न - आपराधिक न्याय व्यवस्था में मुख्य कौन कौन से लोग होते हैं ?
उत्तर - पुलिस, सरकारी वकील, बचाव पक्ष का वकील और न्यायाधीश, ये चार अधिकारी आपराधिक न्याय व्यवस् था में मुख्य लोग होते हैं। 
प्रश्न - आपराधिक न्याय व्यवस्था में पुलिस का क्या कार्य है ?
उत्तर - पुलिस का कार्य: - 
(i) एफ0 आई0 आर0 दर्ज करना । 
(ii) अपराध के बारे में मिली शिकायत की जाँच करना और सबूत इकठ्ठा करना।

(iii) सबूतों से आरोपी का दोष साबित होता दिखाई दे रहा है तो पुलिस अदालत में आरोपपत्र/चार्जशीट दाखिल करना। 

प्रश्न : एफ० आई० आर० का पूरा नाम लिखिए | 

उतर : प्रथम सुचना रिपोर्ट (फर्स्ट इन्वेस्टीगेशन रिपोर्ट) |

प्रश्न - संविधान के अनुच्छेद 22 और फौजदारी कानून में प्रत्येक गिरफ्तार व्यक्ति को कौन कौन से मौलिक अधिकार दिए गए हैं ?
उत्तर - 
(i)  गिरफ्तारी के समय उसे यह जानने का अधिकार है कि गिरफ़्तारी किस कारण से की जा रही है।
(ii) गिरफ्तारी के 24 घंटों के भीतर मजिस्ट्रेट के सामने पेश होने का अधिकार।

(iii) गिरफ्तारी के दौरान या हिरासत में किसी भी तरह के दुर्व्यवहार या यातना से बचने का अधिकार।
(iv) पुलिस हिरासत में दिए गए इकबालिया बयान को आरोपी के खिलाफ सबूत के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
(v) 15 साल से कम उम्र के बालक और किसी भी महिला को केवल सवाल पूछने के लिए थाने में नहीं बुलाया जा सकता।

 

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