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NCERT Solutions for Class 11th राजनितिक विज्ञान - I

 

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Chapter Chapter 10. संविधान का राजनितिक दर्शन

मुख्य बिन्दू

 

 

 

मुख्य बिन्दू :- 


  • कानून इसलिए बना है क्योंकि हम लोग समानता को मूल्यवान मानते हैं।
  • सन् 1947 के जापानी संविधान को बोलचाल में ‘शांति संविधान’ कहा जाता है।
  • भारतीय जनताके चुने हुए प्रतिनिधियों से बनी संविधान सभा को ही बगैर बाहरी हस्तक्षेप के भारतीय संविधान बनाने का अधिकार है।
  • भारतीय संघ में जम्मू-कश्मीर का विलय इस आधार पर किया गया कि संविधान वेफ अनुच्छेद 370 के तहत इस प्रदेश की स्वायत्तता की रक्षा की जाएगी|यह एकमात्रा प्रदेश है जिसका अपना संविधान है | 
  • अनुच्छेद 371(ए) के तहत पूर्वोत्तर के प्रदेश नगालैंड को विशेष दर्जा प्रदान किया गया।
  • भारत एक बहु-भाषिक संघ है। हर बड़े भाषाई समूह की राजनीतिक मान्यता है और इन्हें परस्पर बराबरी का दर्जा प्राप्त है |
  • संविधान तैयार करने का पहला प्रयास ‘कंस्टिट्यूशन ऑपफ इंडिया बिल’ के नाम से सन् 1895 में हुआ था। 
  • मोतीलाल नेहरू रिपोर्ट (1928 ई.) में नागरिकता की धारणा की पुष्टि करते हुए कहा गया कि 24 वर्ष की आयु के हर व्यक्ति को (स्त्री हो या पुरुष) लोकसभा के लिए मतदान करने का अधिकार होगा।
  • सार्वभौम मताधिकार का विचार भारतीय राष्ट्रवाद के बीज-विचारों में एक है।
  • संयुक्त राज्य अमेरिका में सकारात्मक कार्य-योजना सन् 1964 के नागरिक अधिकार आंदोलन के बाद आरंभ हुई जबकि भारतीय संविधान ने इसे लगभग दो दशक पहले ही अपना लिया था। 

 

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