Study Materials

NCERT Solutions for Class 10th History

 

Page 2 of 3

Chapter Chapter 4. भूमंडलीयकृत विश्व का बनाना

अभ्यास :

 

 

 

अभ्यास : 


Q1. सत्रहवीं सदी से पहले होने वाले आदान-प्रदान के दो उदाहरण दीजिए। एक उदाहरण एशिया से और एक उदाहरण अमेरिका महाद्वीपों के बारे में चुने।

उत्तर : 

(i) एशिया से कपडा | 

(ii) अमेरिका महाद्वीप से गेंहूँ | 

Q2. बताएँ कि पूर्व-आधुनिक विश्व में बीमारियों के वैश्विक प्रसार ने अमेरिकी भूभागों के उपनिवेशीकरण में किस प्रकार मदद दी।

उत्तर : 

(i) पूर्व-आधुनिक विश्व में बिमारियों के वैश्विक प्रसार ने अमेरिकी भूभागों के उपनिवेशीकरण में बहुत मदद की क्योंकि जो वहां के स्थानीय अमेरिकी लोग इन महामारियों से प्रतिरोधी नहीं थे जबकि जो लोग इन्हें अमेरिका में लाये थे वे पहले ही से इन बिमारियों के प्रति प्रतिरोधी थे |  

(ii) यूरोपीय लोग इन बिमारियों से कम या ज्यादा प्रतिरोधी थे जबकि अमेरिकी लोग जो शेष विश्व से कटे हुए थे इनमें इनसे लड़ने की क्षमता नहीं थी | 

(iii) इन बिमारियों के कारण अमेरिकी मूल निवासी बिना हथियार ही इन यूरोपीय लोगों के चंगुल में आ गए | 

Q3. निम्नलिखित वेफ प्रभावों की व्याख्या करते हुए संक्षिप्त टिप्पणियाँ लिखेंः
(क) कॉर्न लॉ के समाप्त करने के बारे में ब्रिटिश सरकार का फैसला।
(ख) अफ्रीका में रिडरपेस्ट का आना।
(ग) विश्वयुद्ध के कारण यूरोप में कामकाजी उम्र के पुरुषों की मौतें।
(घ) भारतीय अर्थव्यवस्था पर महामंदी का प्रभाव।
(ङ) बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा अपने उत्पादन को एशियाई देशों में स्थानांतरित करने का फैसला।

उत्तर : 

(क) कॉर्न लॉ को खत्म करने के ब्रिटिश सरकार के फैसले के परिणामस्वरूप कृषि क्षेत्र में नुकसान हुआ, लेकिन औद्योगिक क्षेत्र में प्रगति। भोजन को ब्रिटेन ने सस्ते में और अधिक आयात करना शुरू किया, और खेती में शामिल हजारों श्रमिक बेरोजगार हो गए। हालांकि, खपत में वृद्धि हुई और औद्योगिक क्षेत्र बढ़ गया, और शहरों में श्रमिकों की संख्या ग्रामीण इलाकों की तुलना में बढ़ गई ।

(ख) अफ्रीका में रिन्डरपेस्ट आने से अनगिनत अफ्रीकियों की जीविका समाप्त हो गई | इस स्थिति के लाभ के लिए उपनिवेशीराष्ट्रों ने अफ्रीका को जित लिया और अफ़्रीकी लोगों को श्रम बाजार में जाने के लिए मजबूर कर दिया | 

(ग) विश्वयुद्ध के कारण यूरोप में बहुत से कामकाजी उम्र के पुरुषों की मौते हुई | विश्वयुद्ध के कारण कंपनियों पर कार्य का भार बहुत बढ़ गया था जिसकों पूरा करने के लिए मजदूरों को दिन-रात काम करवाया जाता था | 

(घ) 1928 और 1934 के बीच भारतीय अर्थव्यस्था में महामंदी का काफी प्रभाव रहा | यह भारतीय आयत और निर्यात को आधा तक कम कर दिया | इस समय गेंहू की कीमत आधा लगभग 50% गिर गए | महामंदी के कारण कृषि और उत्पादन क्षेत्र काफी गिर गया था |  

Q4. खाद्य उपलब्धता पर तकनीक के प्रभाव को दर्शाने के लिए इतिहास से दो उदाहरण दें।
Q5. ब्रेटन वुड्स समझौते का क्या अर्थ है।

Q2.

Q3. 

Q4. 

Q5. 

1 अंक के प्रश्न : 

Q1. दक्षिणी अमेरिका में एल डोराडो क्या है ? 

उत्तर : किंवदंतियों की बदौलत सोने का शहर | 

Q2. मित्र राष्ट्रों में शामिल देशों का नाम बताइए |

उत्तर : ब्रिटेन, फ्रांस और रूस |

Q3. धुरी राष्ट्र किन्हें कहा जाता है | 

उत्तर : प्रथम विश्व युद्ध का दूसरा पक्ष - जर्मनी, जापान और इटली को धुरी राष्ट्र कहा जाता है | 

Q4. लगभग 500 साल पहले किस फसल के बारे में हमारे पूर्वजों को ज्ञान नहीं था | 

उत्तर : आलू | 

Q5. कौन से दो अविष्कारों ने 19 वीं सदी के विश्व में परिवर्तन किया ? 

उत्तर : (i) भाप इंजन और (ii) रेलवे 

Q6. किस देश के पास अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetory Fund) और विश्व बैंक (World Bank) में वीटो का प्रभावशाली अधिकार है ? 

उत्तर : संयुक्त राज्य अमेरिका | 

Q7. 1928 से 1934 के बीच भारत में गेंहूँ की कीमत 50 प्रतिशत तक क्यों गिर गई ?  

उत्तर : महामंदी के कारण |

Q8. अमेरिका महाद्वीप की खोज किसने की ? 

उत्तर : क्रिस्टोफर कोलंबस ने | 

Q9. उस यूरोपीय देश का नाम लिखों, जिसने अमेरिका पर विजय प्राप्त की ?

उत्तर : स्पेन ने |  

Q10. भूमंडलीकृत विश्व के बनने में मदद देने वाले कोई तीन कारक बताइए | 

उत्तर : (i) व्यापार | 

(ii) काम की तलाश में एक जगह से दूसरी जगह जाते लोग |

(iii) पूँजी |  

3 अंक के प्रश्न : 

Q1. औद्योगीकरण का सूती वस्त्र उद्योग पर ब्रिटेन में क्या प्रभाव पड़ा ? 

उत्तर : औद्योगीकरण का सूती वस्त्र उद्योग पर ब्रिटेन में निम्नलिखित प्रभाव पड़ा :- 

(i) आयात शुल्क के कारण ब्रिटेन में भारतीय कपास के आयात में तेजी से कमी आई |

(ii) भारतीय वस्त्रों को अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में भारी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ा | 

(iii) बाद में निर्माण किए गए सूती उत्पादों के निर्यात में कमी आने के पश्चात् ब्रिटिश निर्माताओं ने बहुत ही सस्ती कीमत पर भारत से कपास का आयात आरंभ कर दिया |  

Q2. अमेरिका जाने वाले नए समुद्री रास्तों की खोज के बाद विश्व में क्या बदलाव हुए ? तीन उदाहरण देकर स्पष्ट करें | 

उत्तर : अमेरिका जाने वाले नए समुद्री रास्तों की खोज के बाद अमेरिका विश्व से सीधे जुड़ गया - 

(i) आलू का इस्तेमाल शुरू करने पर यूरोप के गरीबों की जिंदगी में बदलाव आया | उनका भोजन बेहतर हो गया और औसत उम्र बढ़ गई | 

(ii) अफ्रीका से गुलामों का व्यापार शुरू हो गया | 

(iii) यूरोप में धार्मिक टकराव होते रहते थे इसलिए बहुत से लोग यूरोप से भाग कर अमेरिका चले गए |  

Q3. व्यापार अधिशेष से क्या अभिप्राय है ? भारत के साथ ब्रिटेन व्यापार अधिशेष की अवस्था में क्यों रहा ? 

उत्तर : जब निर्यात मूल्य आयात मूल्य से अधिक होता है तो इसे व्यापार अधिशेष कहा जाता है | 

भारत के साथ ब्रिटेन व्यापार अधिशेष की अवस्था में होने के निम्न कारण थे - 

(i) 19वीं शताब्दी में भारतीय बाजारों में ब्रिटेन के बने माल की अधिकता हो गई थी |

(ii) भारत से ब्रिटेन और शेष विश्व को भेजे जाने वाले खाद्यान्न व कच्चे मालों के निर्यात में इजाफा हुआ | 

(iii) भारतीय निर्यात पर औपनिवेशिक शासन द्वारा निर्यात शुल्क लगा दिए जाने से भारतीय माल की कीमत विदेशों में अधिक हो जाती थी जबकि ब्रिटेन से भारत में आने वाली वस्तुओं पर कोई शुल्क नहीं होता था जिससे ब्रिटेन हमेशा व्यापार अधिशेष की अवस्था में रहता था |  

Q4. अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक विनिमय में तीन प्रकार के प्रवाह कौन-कौन से है ? वर्णन कीजिए |

उत्तर : अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक विनिमय में तीन प्रकार के प्रवाह निम्नलिखित हैं -

(i) व्यापार का प्रवाह - शुरू से ही व्यापार में कपड़ों और गेंहू के व्यापार से प्रवाह होता रहता था | 

(ii) श्रम का प्रवाह - लोग रोजगार की तलाश में एक स्थान से दुसरे स्थान पर जाते रहते हैं | 

(iii) पूँजी का प्रवाह - इस प्रकार का प्रवाह जिसमें अल्प या दीर्ध अवधि के लिए पूँजी का निवेश दुसरे देशों में होता आया है | 

 

Page 2 of 3

 

Chapter Contents: