Study Materials

NCERT Solutions for Class 10th Geography

 

Page 2 of 3

Chapter chapter 4. कृषि

अभ्यास - प्रश्न

 

 

 

अभ्यास : 4 (कृषि)


1. बहुवैकलिप्क प्रश्न :-

(a) निम्नलिखित में से कौन - सा उस कृषि प्रणाली को दर्शाता है जिससे एक ही फसल लंबे चौड़े क्षेत्र में उगाई जाती है ?

(क) स्थानांतरी कृषि 

(ख) रोपण कृषि

(ग) बागवानी

(घ) गहन कृषि 

उत्तर :- (ख) रोपण कृषि |

(c) इनमें से कौन - सी रबी फसल है ?

(क) चावल 

(ख) मोटे अनाज

(ग) चना

(घ) कपास 

उत्तर :- (ग) चना |

(c) इनमें से कौन - सी एक फलीदार फसल है ?

(क) दालें 

(ख) मोटे अनाज

(ग) ज्वार तिल

(घ) तिल

उत्तर :- (क) दालें |

(d) सरकार निम्नलिखित में से कौन - सी घोषणा फसलों को सहायता देने के लिए करती है ?

(क) अधिकतम सहायता मूल्य 

(ख) न्यूनतम सहायता मूल्य 

(ग) माध्यम सहायता मूल्य

(घ) प्रभावी सहायता मूल्य 

उत्तर :- (ख) न्यूनतम सहायता मूल्य |

2. निम्नलिखित प्रश्नों उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए |

(a) एक पेय फसल का नाम बताएँ तथा उसको उगाने के लिए अनुकूल भौगोलिक पारिस्थितियों का वितरण दें ?

उत्तर :-  चाय एक प्रमुख पेय फसल है | इसको उगाने हेतु अनुकूल भौगोलिक पारिस्थितियों का वर्णन इस प्रकार है :- 

(a) चाय की फसल हेतु उष्ण तथा उपोष्ण कटिबन्धीय जलवायु सही होती है |

(b) इसकी उपज के ले पर्याप्त जल निकास वाले ढलवाँ इलाके जिनकी मिट्टी में प्रचुर मात्रा में ह्रूमस और जीवंशा हों , उपयुक्त होते है |

(c) इसकी झासियों की वृद्धि के लिए साल भर उपोष्म , पालारहित एवं नम जलवायु की जरूरत होती है |

(d) इसकी कोमल पत्तियों के विकास हेतु वर्षभर लगातार वर्षा की बौछारों की जरूरत होती है |

(b) भारत की एक खाघ फसल का नाम बताएँ और जहाँ यह पैदा की जाती है उन क्षेत्रों का वितरण दें ?

उत्तर :- चावल भारत की एक मुख्य खाघ फसल है | यह निम्नलिखित इलाकों में पैदा होती है :-

(क) तटीय क्षेत्र 

(ख) डेल्टई प्रदेश 

(ग) उत्तर तथा उत्तर - पूर्वी मैदान |

(c) सरकार द्वारा किसानों के हित के किए गए संस्थागत सुधार कार्यक्रमों की सूची बनाएँ ?

उत्तर :- (क) आज़ादी के पश्चात् सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में संस्थान सुधर करने हेतु जोतों की चकबंदी , सहकारिता तथा ज़मींदारी प्रथा को समाप्त करने को उच्च प्राथमिकता दी गई |

(ख) 1980 एवं 1990 के दशकों में व्यापक भूमि विकास कार्यक्रम के अंतर्गत सूखा , बाढ़ , चक्रवात , आग एवं बीमारी जैसी घटनाओं से फसलों को बचने हेतु फसल बीमा योजना लागू की गई |

(ग) किसानों को कम सरों पर ऋण मुहैया कराने के लिए विभिन्न ग्रामीण बैंकों तथा सहकारी समितियों की स्थापना की गई |

(घ) न्यूनतम समर्थन कीमत के ऐलान का प्रावधान किया गया ताकि बिचौलियों एवं दलालों द्वारा किसानों का शोषण न हों |

(ड) किसानों के सयादे के लिए सरकार द्वारा " किसान क्रेडिट कार्ड " तथा व्यकितगत दुर्घटना बीमा योजना शुरू की गई है |

(d) दिन - प्रतिदिन कृषि अंतर्गत भूमि कम हो रही है | क्या आप इसके परिणामों के कल्पना क५र सकते ही ?

उत्तर :-  दिन - प्रतिदिन कृषि योग्य भूमि कम होने के निम्न नजीते होगें :-

(क) अनाज उत्पादन में कमी आएगी |

(ख) कम भूमि पर गहन कृषि के परिमाणस्वरूप उर्वरकों के अधिक इस्तेमाल से भूमि की प्राकृतिक क्षमता प्रभावित होगी | इसके लवणीय तत्व समाप्त हो जाएंगे |

(ग) अल्प अथवा छुपी बेरोजगारी बढ़ेगी |

(घ) कृषि आधारित उघोफ्गों को कच्चे माल की कमी का सामना करना पड़ेगा |

3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 120 शब्दों में दीजिए ?

(a) कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी सुनिशिचत करने के लिए सरकार द्वारा लिए गए उपाय सुझाइए ?

उत्तर :- कृषि उत्पादन में बहुत तय करने के लिए सरकार स्वर कृषि क्षेत्र में बहुत से प्रौद्योगिकी तथा संस्थागत सुधार किए गए है इसके अतिरिक्त सरकार द्वारा अनेक संस्थाओं की स्थापना की गई है जिनक वर्णन इस प्रकार है :-

(क) कृषि क्षेत्र में अनुसन्धान को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार द्वारा भारतीय कृषि अनुस्म्धन परिषद् की स्थापना की गई है |  

(ख) कृषि शिक्षा प्रदान करने हेतु देश में विभिन्न कृषि विश्व - विघालयों की स्थापना की गई है |

(ग) पशुओं के लिए बड़े पैमाने पर चिकित्सा सुविधाएँ मुहैया करवाई गई है |

(घ) बागावानी विकास को प्रोत्साहन दिया गया है |

(ड) मौसम विज्ञान और मौसम का पूर्वानुमान लगाने के क्षेत्र में काफी अनुसंधान एवं विकास किया गया है |

(च) विभिन्न पशु प्रजनन केंद्र स्थापित किए गए है |

(b) भारतीय कृषि पर वैश्वीकरण के प्रभाव पर टिप्पणी लिखें ?

उत्तर :- (क) वैश्वीकरण के प्रभाववश भारत में वानिजियक फसलों के उत्पादन को प्रोत्साहन मिला है |

(ख) कृषि क्षेत्र में अलग - अलग प्रकार के ढाँचागत सुधार जैसे प्रौद्योगिकी बदलाव , बाजार सुविधा , साख विस्तार आदि वैश्वीकरण के ही परिणाम है |

(ग) हरित क्रातिं , श्वेत क्रातिं , पीली करतीं वगैरह के परिणामस्वरूप विभिन्न पारकर की फसलों के उत्पादन में बढ़त सभंव हुई है |

(घ) कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़व दिया जाता है |

(ड) कर्बानिक कृषि को प्रोत्साहन मिला है |

(च) " जीन क्रातिं " अथवा जननिक इंजीनियरी जैसी नै अवधारणाओं का कृषि में इस्तेमाल किया जाने लगा है | जिसके अंतर्गत नैन सकंर किस्मों के बीजों का आविष्कार किया जाता है |  

(c) चावल की खेती के लिए उपयुक्त भौगोलिक पारिस्थितियों का वर्णन करें ?

उत्तर :-  (क) चावल की खेती के लिए तापमान 25 सेलिसयास से ज्यादा होना चाहिए |

(ख) चसवाल के लिए ज्यादा आर्द्रता अर्थात् तकरीबन 100 सेमी. से अधिक वर्षा की आवश्यकता होती है |

(ग) जिन क्षेत्रों में वर्षा कम होती है वहाँ पर्याप्त सिंचाई सुविधाओं का  होना बहुत जरूरी है |

 

Page 2 of 3

 

Chapter Contents: