1. वाक्य-परिचय-और-वाक्य-भेद
2. उपवाक्य-भेद
3. संज्ञा-आश्रित-उपवाक्य
4. विशेषण-आश्रित-उपवाक्य
5. क्रिया-विशेषण-आश्रित-उपवाक्य
6. वाक्य-परिवर्तन
7. उपवाक्य-उदाहरण-अभ्यास-प्रश्न
8. उपवाक्य-उदाहरण-अभ्यास-प्रश्न 1
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Hindi Vyakaran (हिंदी व्याकरण)
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वाक्य-उपवाक्य - उपवाक्य-भेद | हिंदी व्याकरण
वाक्य-उपवाक्य
उपवाक्य-भेद
उपवाक्य (Clause) की परिभाषा :
वाक्यों का ऐसा पदसमूह या भाग, जिसका अपना स्वतंत्र अर्थ हो, और जिसमें उदेश्य और विधेय हों, उपवाक्य कहलाता हैं।
सभी उपवाक्य, प्रधान उपवाक्य से हिन्दी के योजक (Connectors) शब्दों से जुड़े रहते हैं |
जैसे - कि, जिससे, जिसे, जिसकों, जिसमें, ताकि, जो, जितना, ज्यों-त्यों, चूँकि, क्योंकि, यदि, यद्यपि, जब, जहाँ इत्यादि होते हैं।
उपवाक्य के भेद :
उपवाक्य तीन प्रकार के होते हैं-
(1) संज्ञा-आश्रित उपवाक्य (Noun Subordinate Clause)
(2) विशेषण-आश्रित उपवाक्य (Adjective Subordinate Clause)
(3) क्रियाविशेषण-आश्रित उपवाक्य (Adverb Subordinate Clouse)
(1) संज्ञा-आश्रित उपवाक्य(Noun Subordinate Clause)- वह आश्रित उपवाक्य संज्ञा की तरह (कर्ता/कर्म) की भांति उपयोग होता है, उसे 'संज्ञा-आश्रित उपवाक्य' कहते हैं।
पहचान : सामान्यत: यह आश्रित उपवाक्य योजक शब्द "कि" से जुड़ा रहता है अर्थात 'संज्ञा-उपवाक्य' की पहचान यह है कि इस उपवाक्य के पूर्व "कि" होता है।
यह कर्म (सकर्मक क्रिया) या पूरक (अकर्मक क्रिया) का काम करता है, जैसा संज्ञा कार्य करता है। जैसे-
(i) 'राम ने कहा कि मैं यही पढूँगा' | संज्ञा आश्रित उपवाक्य - कि मैं ही पढूँगा
(ii) 'मैं नहीं जानता कि वह क्या कर रही है | संज्ञा आश्रित वाक्य - कि वह क्या कर रही है |
(2) विशेषण-आश्रित उपवाक्य (Adjective Subordinate Clause)- यह उपवाक्य पूरी तरह विशेषण की तरह कार्य करता है, उसे विशेषण-आश्रित उपवाक्य कहते हैं।
जैसे- वह आदमी, जो कल आया था, आज भी आया है। यहाँ 'जो कल आया था' विशेषण-उपवाक्य है।
इसमें 'जो', जिसे, जिसका, जिसमें, 'जैसा', 'जितना' इत्यादि शब्दों का प्रयोग होता हैं।
(3) क्रियाविशेषण-आश्रित उपवाक्य (Adverb Subordinate Clause)- जो उपवाक्य क्रियाविशेषण की तरह व्यवहृत हो, उसे क्रियाविशेषण-उपवाक्य कहते हैं।
जैसे- जब पानी बरसता है, तब मेढक बोलते हैं यहाँ 'जब पानी बरसता है' क्रियाविशेषण-उपवाक्य हैं। इसमें प्रायः 'जब', 'जहाँ', 'जिधर', 'ज्यों', 'यद्यपि' इत्यादि शब्दों का प्रयोग होता हैं। इसके द्वारा समय, स्थान, कारण, उद्देश्य, फल, अवस्था, समानता, मात्रा इत्यादि का बोध होता हैं।
वाक्य-उपवाक्य के अन्य टॉपिक्स
हिंदी भाषा के लिए हिंदी व्याकरण का अपना एक महत्व है | भाषा पर अच्छी पकड़ हो इसके लिए आपका व्याकरण काफी मजबूत होना चाहिए ताकि आप बोलने या लिखने में गलतियाँ न करे, इसके लिए जरुरी है कि आप, संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया विशेषण, वर्ण, वर्ण परिचय, समास, संधि प्रत्यय, उपसर्ग वाच्य और वाच्य परिवर्तन, अलंकार जैसे विषयों पर पकड़ काफी मजबूत हो |
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